प्रिय बच्चों, तुम्हारा पिता तुम्हें अनंत प्रेम करता है और तुमसे खुद तक बुलाता है।
अंतिम दिन का सुबह आ रहा है: … सूरज छिप जाएगा, अंधेरा आएगा, तुरंत आप बिना बिजली या पानी के पाएंगे, आप हतप्रभ होंगे, आपको देखने को कहां जाना होगा। दुनिया अंधेरे में लपेटी जाएगी, छोटे प्रकाश भी उसे रोशन नहीं कर सकेंगे।
प्रकाश के पुरुष बनो ताकि प्रकाश आपमें हो और रात की पीड़ा आपको पकड़ ना ले
प्रिय बच्चों, मैं वही हूँ जो है, मैं पिता, माँ, भाई और सच्ची दोस्त हूँ, मैंने तुमसे कभी अलग नहीं होना। ...अगर तुम मुझे अपने अंदर लें तो मैं खुद से तुम्हें रोशन करूंगा।
रात के अंधेरे में समय गड़गड़ा रहा है, बीमार दिलों को हिलाया जाएगा, भय उन्हें मारा होगा।
मेरी बच्चीं, यह वक्त चुनने का है कि मेरे साथ रहो या मुझसे विरोध करो।
अपनी रचायिता से पीठ ना मोड़ो, अंधेरे में खो ना जाओ, शैतान चालाकी से अपना खेल खेलता है, उसकी मौत की फंसी में मत पड़ो।
जब सब कुछ गुम हो जाएगा, प्रकाश आकर सारी चीजों को खुद से रोशन कर देगा और जहाँ अच्छाई नहीं होगी वहीं अच्छा बनाएगा!
प्रिय बच्चों, एक पवित्र दिल बना लो और मुझ तक दौड़ो।
स्रोत: ➥ ColleDelBuonPastore.eu